ओह्ह कान्हा तुज्शे आब कैसी सिखायत करना जब तुझे है सब पता तोह कैसी फ़रियाद करना……
क्यूँ देते हो इतना दर्द की आब मुजशे नहीं होता संभालना,
क्या करो, कहा जाओ, किस से कहो, क्या तुन्हें भी छोड़ दिया मेरा साथ…….ओह्ह कान्हा!!!
बहुत अकेली हो गयी हूँ ज़िन्दगी की रहो में, पहली भी थी पर आब डर लगता है तन्हाई से…….
पर साची तो येही है , यह ज़िन्दगी तो सिर्फ अकेलपन का ही नाम है,
ऐसा कौन सा गुनाह किया था मैंने जो तुमने मुझे इतना बेबस करके छोड़ दिया…….ओह्ह कान्हा!!!
तुझे मैं हर रूप देखा, तुझे ही सब माना, कभी भी तुज्शे सिखायत नहीं की………….
जो भी दिया तुने, खुसी से अपनाया, खुद से भी कभी सावल नहीं की
पर आज तेरे दिए हुए भीक ही मेरे शारी खुसिया ले चली गयी,……..ईसे क्यूँ कान्हा!!!!
कोई समझे या न समझे पर तुमसे कुछ अनजान नहीं है, मैं कोई पाप नहीं किया……
न ही कभी किसीका बुरा चाह, न ही कभी किसी का दिल तोड़ना चाह,
फिर भी क्यूँ आज कोई मुझे नहीं समझ पाया, क्यूँ मैं सबसे इतनी अलग हो गयी……क्यूँ कान्हा!!!
मैंने तोह सिर्फ इन्सनियात का रिश्ता निभाया था पर उसे इंसानो ने ही मुझे धोका दे दिया…………..
कैसी मज़बूरी है आज मेरी, कैसी उल्फात है यह मेरी, और कैसी बेबसी है
चाह के भी आज मैं कोई साच नहीं बोल प् रही हूँ और न ही आब चुप रहा जा रहा है!!!
ऐसा क्यूँ कान्हा………क्यूँ कान्हा……क्यूँ………..
अगर साथ छोड़ के जाना ही था तुझे भी तो क्यूँ दिए एक और ज़िन्दगी, क्यूँ कान्हा…….
आब नहीं और सहा जाता यह दर्द, न ही यह दुःख, जो गुनाह नहीं किया, आब उसकी भोज नहीं उठाया जाता
बहुत इन्तीज़र कर ली, बहुत फ़रियाद कर ली पर कोई मुझे नहीं समाज पाया,
आब और नहीं, हर रिश्ते मैंने आप में देखा, ईसलिए हर रिश्ते को मैंने दिल से निभाया ……..
पर शायद येही मेरी गलती थी , की मैंने भगवन को भी उनका इज्ज़त नहीं दिया
इंसानो को इंसानो के तरह नहीं देख पाई, खुद के लिए भी रिश्ता ही नहीं दुंद पाई!!!
आप में हर रिश्ता देखा पर ज़िन्दगी मैं पहली बार किसी में आप को देखा,
सू नफरत के बाद जब दिल जुडी, तोह ऊसमे आपको पाया, पर शायद मैं आपको पाके भी समझ नहीं paye
पर जाते जाते बस एक ही दुवा है, दिल की हर दरवाजे फिर से बंद करने से पहले एक फ़रियाद है…….
हर मुश्किल मैं उसका दोस्त और हार दर्द मैं उसके आंसुओं बने रहेगा……
क्युंकी कहते है जब साथ किसी का हो तोह हर मुश्किल भी आसान लगते है………..
और जब दर्द आंसुओं बनके बह जाते तोह वोह दिल मैं अपना कोई जगह नहीं बना पते!!!
इतना तोह आप मेरे सुनोगे न…..ओह्ह कान्हा…….कन्हाआआआआआ!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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